कॉमर्स कंपनियों की फेस्टिवल सेल पर कैट ने पीयूष गोयल से मॉनिटरिंग कमेटी के गठन की मांग

कॉमर्स कंपनियों की फेस्टिवल सेल पर कैट ने पीयूष गोयल से मॉनिटरिंग कमेटी के गठन की मांग
0 0
Read Time:5 Minute, 22 Second

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल को आज भेजे एक पत्र में कनफेडेरशनऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने वर्तमान त्योहारी सीजन को देखते हुए देश में विभिन्न ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा प्रतिवर्ष लगाई जाने वाली “फेस्टिवल सेल” की निगरानी और उसको रेगुलेट करने के लिए एक मॉनिटरिंग कमेटी को गठित करने का आग्रह किया। कैट ने यह भी आग्रह किया है की ई कॉमर्स कंपनियों द्वारा फेस्टिवल सेल आयोजित करने के लिए अनिवार्य दिशानिर्देश भी जारी करने किये जाएँ !

कैट ने आरोप लगाया है कि पिछले वर्षों में ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा आयोजित त्यौहारी सेल लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचना, असाधारण डिस्काउंट देना , ब्रांड्स के साथ विशेष समझौते के अंतर्गत कुछ उत्पादों को केवल अपने पोर्टल पर बेचना , अपने स्वयं के विक्रेताओं जिसमें ई कॉमर्स कंपनियों की पूँजी लगी है को तरजीह देना, आदि शामिल हैं जिनकी अनुमति नहीं सरकार द्वारा जारी एफडीआई पालिसी के प्रेस नोट न 2 में नहीं दी गई है ! इससे बाजार में असामान्य प्रतिस्पर्धा होती है जो पालिसी का उल्लंघन है !

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी सी भरतिया तथा राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने श्री गोयल को भेजे पत्र का ध्यान वर्तमान त्योहारों के मौसम पर आकर्षित किया है जो रक्षा बंधन से शुरू हो चुका है और 25 नवंबर तुलसी विवाह के दिन तक जारी रहेगा जिसके तुरंत बाद नए साल की बिक्री शुरू हो जायेगी !

श्री भरतिया और श्री खंडेलवाल ने कहा कि पिछले कई वर्षों से अनेक ई-कॉमर्स कंपनियां विशेष रूप से हर साल दीवाली और नए साल पर “फेस्टिवल सेल्स” आयोजित करती रही हैं। ये ई कॉमर्स कंपनियां खुले रूप से सरकार द्वारा जारी एफडीआई नीति के प्रेस नोट 2 में दिए गए अनिवार्य प्रावधानों का लगातार उल्लंघन कर रही हैं ! इन ई कॉमर्स पोर्टल द्वारा लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचना, गहरे डिस्काउंट देना, अपने स्वयं के निजी लेबल के तहत सामान बेचना, इन्वेंट्री पर नियंत्रण तथा बिक्री से उत्पन्न घाटे को फंडिंग से पूरा करना आदि शामिल हैं जबकि उपरोक्त सभी तरीकों को एफडीआई नीति के तहत प्रतिबंधित किया गया है। श्री भरतिया और श्री खंडेलवाल ने कहा कि देश में कोरोना के कारण व्यापारी पहले से ही संकट में हैं और देश भर में लगभग 20% छोटे व्यापारी अपनी दुकानें बंद करने की कगार पर हैं। ऐसे में ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा एफडीआई पालिसी के उल्लंघन के कारण हो रही असामान्य प्रतिस्पर्धा से बचाने की ज़रूरत है।

उन्होंने यह भी कहा की ऐसी ई-कॉमर्स कंपनियां जो आदतन नीति का उल्लंघन करती हैं की फेस्टिवल सेल्स प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकल पर वोकल और आत्मनिर्भर भारत के लिए हानिकारक हैं क्योंकि इन पोर्टल पर बिकने वाला सामान अधिकांश विदेशी होता हैं जिसमें चीनी सामान मुख्य रूप से है ! इन ई-कॉमर्स कंपनियों को गलत व्यापारिक प्रथाओं को अपनाने से रोकने के लिए और देश के ई कॉमर्स एवं अन्य व्यापार में उचित प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए एक मॉनिटरिंग कमेटी के गठन की आवश्यकता है जो न केवल फेस्टिवल सेल पर बिक्री की निगरानी रखे बल्कि सरकार द्वारा जारी नीति और दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन कराये ! नीति अथवा दिशानिर्देशों के किसी भी उल्लंघन के मामले में मॉनिटरिंग कमेटी को ऐसी ई-कॉमर्स कंपनी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का अधिकार होना चाहिए, जो एफडीआई नीति या दिशानिर्देशों का उल्लंघन करती पाई जाती है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social profiles