सेवा सुरक्षा सहयोग का दावा करने वाली Haryana Police ना व्यवहार ना उमीदों पर खरा उतरी ,खुद के द्वारा सर्व में फेल…

सेवा सुरक्षा सहयोग का दावा करने वाली Haryana Police ना व्यवहार ना उमीदों पर खरा उतरी ,खुद के द्वारा सर्व में फेल…
0 0
Read Time:3 Minute, 31 Second

हरियाणा पुलिस भले ही सेवा सुरक्षा सहयोग का दावा करती हो लेकिन हरियाणा पुलिस के खुद करवाए सर्व मे पुलिस की पोल खोल  कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के लाख दावे हों, लेकिन आज भी पुलिस गाली-गलौज से लेकर रिश्वत के खेल को लेकर कटघरे में खड़ी है हरियाणा पुलिस की सेवाएं भी समय से नहीं मिलतीं तो सार्वजनिक स्थलों पर लोगों में असुरक्षा की भावना भी यथावत है पुलिस की यह हकीकत करनाल, कैथल, पानीपत सहित अन्य जिलों में हाल में खुद कराए गए सर्वे में सामने आई है। हालांकि कुछ स्तरों पर लोग पुलिस से संतुष्ट भी दिखे लेकिन सर्वे से स्पष्ट हुआ है कि महकमे में बड़े सुधार की जरूरत है

आइजी भारती अरोड़ा के आदेशानुसार यह सर्वे कराया गया, जिसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जा सकती है, ताकि सुधार के लिए उचित कदम उठाए जा सकें। सर्वे में करनाल, कैथल, पानीपत सहित अन्य जिलों के 1176 लोगों को शामिल किया गया, जिनमें 27.2 फीसद महिलाएं व 72.8 फीसद पुरुष हैं। सर्वे में जवाब देने वालों में 18 साल से कम आयु के 3.1 फीसद, 30 वर्ष तक के 37.4 फीसद, 50 साल तक के 50.8 व इससे ऊपर के 8.7 फीसद लोग शामिल रहे सर्वे में पुलिस 49 फीसद लोगों ने पुलिस के व्यवहार में आज भी रिश्वत का चलन माना तो करीब 70 फीसद लोगों ने कहा कि पुलिस गाली-गलौज करती है। कुछ ने माना कि पुलिस शारीरिक प्रताड़ना भी करती है

359 लोगों ने दुर्गा शक्ति एप प्रयोग किया, जिसके बाद कार्रवाई से 33.7 फीसद लोग अंसतुष्ट रहे तो 30.2 फीसद लोगों ने ठीक बताया महिला हेल्पलाइन 1091 पर सूचना व शिकायत देने वाले 34 फीसद लोग कार्रवाई से असंतुष्ट रहे। 27 फीसद ने कहा कि पुलिस तत्काल पहुंची 100 नंबर पर कॉल करने पर 29.3 फीसद लोगों ने माना कि पीसीआर उम्मीद से पहले पहुंची तो पांच फीसद बोले, पीसीआर पहुंची ही नहीं। 52 फीसद लोगों ने माना कि आपात स्थिति में पुलिस को सूचना देना ही प्राथमिकता है

सर्वे के अनुसार पुलिस भले ही हत्या, दुष्कर्म, लूट व ट्रैफिक कंट्रोल को गंभीरता से लेती है, लेकिन वाहन चोरी व साइबर अपराध जैसे मामले दरकिनार ही रहते हैं। इन पर सबसे कम ध्यान दिया जाता है।  70.9 फीसद लोगों ने कहा कि पुलिस पर काम का बोझ है। किसी भी मामले में जांच के लिए थर्ड डिग्री प्रयोग करने पर 45 फीसद लोग ही सहमत हुए

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social profiles