18 निसंतान दंपत्तियों ने पुत्र प्राप्ति की कामना से रातभर की भगवान नारायण की अखण्ड पूजा

0 0
Read Time:2 Minute, 30 Second


शिव-पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण में सादगी से संपंन हुआ बामन द्वादशी
मेला
रुद्रप्रयाग। प्रसिद्ध शिव-पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर में बामन
द्वादशी मेला विधिवत संपंन हो गया है। इस दौरान 18 निसंतान दंपत्तियों ने
पुत्रकामना के लिये रात्रिभर जागरण किया। शनिवार के दिन भगवान नारायण के बामन
अवतार की मूर्ति को थाल में रखकर मंदिर की परिक्रमा की गई। बामन अवतार ने नर
रूप में अवतरित होकर भक्तों को आशीष दिया और भक्तों को जौ की हरियाली प्रसाद
स्वरूप वितरित की गई।

दरअसल, प्रत्येक वर्ष भगवान शिव-पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण में
बामन द्वादशी मेले का आयोजन किया जाता है। एक दिन पहले मंदिर में हरियाली मेला
भी आयोजित होता है। गांव के घर-घर में उगाई गई हरियाली को ग्रामीण मंदिर में
एकत्रित करते हैं। बामन मेले के दिन भगवान विष्णु के बामन रूप की विशेष
पूजा-अर्चना की जाती है। थाल में बामन अवतार की मूर्ति को रखकर मंदिर की
परिक्रमा की जाती है और फिर मूर्ति के भगवान को दर्शन कराये जाते हैं। इस बार
कोरोना महामारी के चलते बामन द्वादशी मेला सादगी के साथ मनाया गया। कोरोना के
चलते कम ही निसंतान दंपत्ति मेले में पहुंचे और रात्रिभर भगवान नारायण की पूजा
की। विगत वर्षों में सौ से अधिक निसंतान दंपत्ति पुत्र कामना के लिये
पूजा-अर्चना करते थे। शनिवार को आयोजित बामन द्वादशी मेले के तहत बामन अवतार
ने नर रूप में अवतरित होकर मंदिर की परिक्रमाएं की और भक्तों के कंधे पर
विराजमान होकर हरियाली को प्रसाद स्वरूप भक्तों को वितरित किया

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social profiles