यह 14 कारण बताकर बीएमसी ने मुंबई में कंगना रनौत के कार्यालय में बुलडोजर चलाया

यह 14 कारण बताकर बीएमसी ने मुंबई में कंगना रनौत के कार्यालय में बुलडोजर चलाया
0 0
Read Time:5 Minute, 25 Second

40 कर्मचारी 5 बीएमसी कर्मचारी तीन वरिष्ठ अधिकारी और कई पुलिसकर्मी की मौजूदगी में बुधवार को मुंबई के नरगिस दत्त स्थित पाली हिल बंगला में स्थित मणिकर्णिका फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के दफ्तर को ढहा दिया गया। यह दफ्तर कंगना रनौत के प्रोडक्शन हाउस का था।

शिवसेना शासित बृहन्मुंबई म्यूंसिपल कॉरपोरेशन यानी बीएमसी की ओर से रनौत को भेजे गए नोटिस में अवैध निर्माण को लेकर 14 कारण गिनाए गए हैं। यह ऑफिस मुंबई के पॉश बांद्रा इलाके में जनवरी में बनाया गया था।

लेकिन दोपहर में ऑफिस को ढहाने की कार्यवाही रोक दी गई थी, क्योंकि अभिनेत्री के वकील रिजवान सिद्दीकी ने मुंबई हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दी थी। लेकिन जब तक बीएमसी ऑफिस के कथित अवैध निर्माण को काफी हद तक गिराया जा चुका था।

बीएमसी की कार्यवाही उस समय हुई है जब अभिनेत्री की सत्तारूढ़ शिवसेना पार्टी के साथ खींचतान चल रही है।

रनौत ने मुंबई पुलिस और अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर टिप्पणियां की थी। जिसके बाद से पूरा बवाल शुरू हुआ था। रनौत ने कहा था कि मुंबई पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर बन गई है। उन्होंने मुंबई पुलिस की आलोचना भी की थी। इस मुद्दे पर बवाल मचा और उसके बाद केंद्र सरकार ने कंगना को वाइ प्लस श्रेणी की सुरक्षा दे दी। यह सुरक्षा देश के मुख्य न्यायाधीश एस बोर्डे जैसे कुछ लोगों को मिली हुई है। साथ ही कंगना पहली ऐसी अभिनेत्री बनी है जिन्हें ऐसी विशेष सुरक्षा मिली है।

कंगना के दफ्तर को ढहाने में कम से कम 50 लोगों की मौजूदगी एक स्पॉट जगह पर देखी गई। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पूरी मुंबई कोविड-19 के संक्रमण से बुरी तरह जूझ रही है। मुंबई भारत का हॉटस्पॉट बना हुआ है। 24,456 एक्टिव मामलों के साथ शहर में कुल 158756 मामले रिकॉर्ड हो चुके हैं। मंगलवार को ही 1346 लोग देश की वित्तीय राजधानी में संक्रमित हो गए।
.

रनौत बीएमसी के नोटिस में 14 कारण गिनाए गए हैं जिसमें अवैध पैंट्री, रसोई, अवैध टॉयलेट टॉयलेट को ऑफिस कैबिन में बदलने, बिना अनुमति के सीढि़यों को बदलना और बाल्कनी समेत मेन प्रवेश गेट की जगह बदलना शामिल हैं।

बीएमसी के अधिकारियों का कहना है कि रनौत को नोटिस देकर 24 घंटे का समय जवाब देने के लिए दिया गया था। उनकी टीम ने एजेंसी को जवाब दिया लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं था।

2018 में भी कंगना रनौत के खार स्थित घर को लेकर भी बीएमसी ने नोटिस दिया था लेकिन कंगना के अदालत में इस मामले को चुनौती देने के बाद घर को ढहाने की कार्यवाही को रोक दिया गया था।

बुधवार को मुंबई लौटी रनौत ने ट्वीटर पर बीएमसी की कार्यवाही को लेकर कई पोस्ट किए। उन्होंने शिवसेना और बीएमसी को “बाबर और उसकी सेना” करार दिया ।

उन्होंने कुछ और फोटो पोस्ट कर इसे “पाकिस्तान” का नाम दिया।

कंगना ने ट्वीट कर कहा, ” मैं गलत नहीं हूं और मेरे दुश्मनों ने बार बार साबित किया है कि मुंबई अब पीओके है।”

कंगना ने कहा कि उनकी ऑफिस में किसी तरह का कोई अवैध निर्माण नहीं किया गया था और मेरे घर में भी इस तरह का कोई अवैध निर्माण नहीं था जबकि कोविड-19 के दौर में सरकार ने 30 सितंबर तक किसी भी निर्माण को गिराने की कार्यवाही पर रोक लगा रखी है।

हालांकि यह पहली बार नहीं है कि बीएमसी ने शिवसेना के खिलाफ आवाज उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। 2017 में बीएमसी में लिली मेंडोसा को उनके घर में डेंगू के मच्छर पनपने को लेकर नोटिस दिया था। लिली की बेटी मशहूर रेडियो जॉकी मलिश्का ने दरअसल बीएमसी की मानसून तैयारियों को लेकर आलोचना करते हुए कुछ फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे।

—–

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social profiles