#IndoChina: भारत के आत्मनिर्भर अभियान से पटरी पर आया चीन

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#Laddakh: लद्दाख में भारतीय सेना के पराक्रम से पीछे हटा चीन अब भारत के साथ दोस्ती को वापस पटरी पर लाने के लिए आतुर है। दरअसल भारत में एक बड़ा बाज़ार चीन धीरे धीरे खो रहा है। भारत के आत्मनिर्भर अभियान के कारण देश की कई इंडस्ट्रीज़ पनपने लगी है। इससे परेशान अब चीन भारत के साथ दोस्ती की बातें दोबारा करने लगा है। चीन के विदेश मंत्री वांग ई ने कहा है कि चीन और भारत एक-दूसरे की अनदेखी नहीं कर सकते। इसलिए दोनों देशों को एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाने वाले कार्यो को रोक देना चाहिए।

भारत और चीन के संबंधों पर अपनी सालाना प्रेस क्रांफेंस चीन का ये रूख साफ नज़र आ रहा था। वांग ने इसमें बताया कि दोनों देशों को अच्छे वातावरण में सक्षम स्थितियां बनाकर सीमा संबंधी विवाद को दूर कर सहयोग को और मजबूत बनाया जाना चाहिए।

दरअसल पूर्वी लद्दाख में अपनी सेना वापस बुलाने के बाद चीन अब महीनों के तनाव से हुए संबंधों के नुकसान की भरपाई में जुट गया है। भारत में मोबाइल के अलावा चीन अन्य बहुत सारी वस्तुएं निर्यात करता है। साथ ही उसकी टेक्नॉलाजी कंपनियां भी भारत में काम करती है। आत्मनिर्भर अभियान और भारत की सख्ती के बाद चीनी कंपनियों का यहां काम करना मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से चीन के तेवर नरम पड़े हैं। विदेश मंत्री वांग ने कहा, सीमा विवाद ही दोनों देशों के संबंधों की पूरी कहानी नहीं है। चीन और भारत दोस्त और सहयोगी हैं लेकिन उनके बीच कुछ मसलों पर संदेह की स्थिति है। इस स्थिति से उबरकर दोनों देशों को देखना है कि वे अपने संबंधों का किस तरह से विकास कर सकते हैं और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बना सकते हैं।

उन्होंने साफ किया कि सीमा विवाद हमें विरासत में मिला लेकिन यह दोनों देशों के संबंधों की पूरी कहानी नहीं है। महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों देश इस विवाद समेत अन्य विवादों को उचित तरीके सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही आपसी संबंधों के विकास के लिए भी कार्य कर रहे हैं।

भारत के साथ संबंधों पर अपने लंबे जवाब में वांग ने चीनी सेना की वापसी के मसले पर चर्चा नहीं की। इससे साबित होता है कि चीन अब इसे एक अप्रिय घटना मानकर भूल जाना चाहता है। डोकलाम की घटना के बाद पूर्वी लद्दाख दूसरा मसला है जिसमें चीन को अपने पैर वापस खींचने पड़े हैं। दोनों ही मसलों पर भारत का पक्ष मजबूत साबित हुआ है।

विदेश मंत्री वांग ने हाल ही में अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर के साथ टेलीफोन पर 75 मिनट लंबी बातचीत की है। शुक्रवार को चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्त्री ने बीजिंग में चीन के उप विदेश मंत्री ल्यूओ झाओई के साथ वार्ता कर पूर्वी लद्दाख पर दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी करने के संबंध में बात की थी।

 

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