कोरोना के इलाज में कारगर एक और दवा की हुई पहचान, वायरस को रोकेगी

कोरोना के इलाज में कारगर एक और दवा की हुई पहचान, वायरस को रोकेगी
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कोरोना को रोकने के लिए कोशिशों में लगे वैज्ञानिकों को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। अपनी खोज में अमेरिका का वैज्ञानिकों ने पाया है कि एबसेलेन(Ebselen) नाम की दवा कोरोना वायरस के मॉलिक्यूल को निशाना बनाकर वायरस का प्रसार रोकने में मदद करती है। इससे इस बीमारी के इलाज का नया रास्ता खुल सकता है। विज्ञान पत्रिका साइंस एडवांसेज में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना वायरस के प्रसार में एमपीआरओ मॉलिक्यूल अहम भूमिका निभाता है।
बायोलॉजिकल मॉलिक्यूल की मॉडलिंग करते हुए वैज्ञानिकों ने अभी मौजूद हजारों दवाओं का इस पर असर जांचा। इसी प्रक्रिया में वैज्ञानिकों ने पाया कि एबसेलेन दवा इस मॉलिक्यूल को निशाना बनाकर वायरस का प्रसार रोकने में सक्षम है। अन्य बीमारियों के इलाज में प्रयोग की जाने वाली यह दवा कई क्लीनिकल ट्रायल में सुरक्षित पाई जा चुकी है।वैज्ञानिकों ने कहा कि अध्ययन के नतीजे दो तरह से फायदेमंद हैं। इससे एक ओर जहां एबसेलेन दवा को नए रूप में इस्तेमाल करने का रास्ता तैयार होगा, वहीं इससे वायरस की एक ऐसी कड़ी की भी पहचान हुई है, जिसे निशाना बनाते हुए संक्रमण से निपटने के नए तरीके भी ईजाद किए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि दुनियाभर में कोरोना के मरीजों के इलाज में कारगर दवाओं का इस्तेमाल हो रहा है। इसमें रेमडेसिविर (Remdesivir), एंटीवायरल दवा फेविपिराविर (Anti Viral Drug Favipiravir), डेक्सामेथासोन(Dexamethason), हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन समेत कई अन्य दवाएं हैं। इनका दवाओं का इस्तेमाल कोविड-19 के गंभीर, मध्यम और हल्के मरीजों के इलाज में किया जाता है।
दवा बनाने वाली कंपनी जायडस कैडिला (Zydus Cadila) ने रेमडेसिविर (Remdesivir) का जनरिक वर्जन लांच किया है। इस दवा का इस्तेमाल कोविड-19 के गंभीर लक्षणों का सामना कर रहे रोगियों के इलाज में किया जाएगा। भारत में इस दवा की 100 एमजी की शीशी 2800 रुपये पर उपलब्ध होगी। कंपनी ने कहा है कि रेमडैक के रूप में ब्रांडेड यह दवा भारत में सबसे सस्ती रेमडेसिविर ब्रांड है।
दवा निर्माता कंपनी ल्यूपिन (Lupin) ने भारत में हल्के से मध्यम लक्षण वाले कोरोना वायरस (Coronavirus) के मरीजों के उपचार के लिए एंटीवायरल दवा फेविपिराविर (Anti Viral Drug Favipiravir) लॉन्च करने की घोषणा की है। कोविहॉल्ट (Covihalt) नाम से जारी इस दवा की एक टैबलेट की कीमत भारत में 49 रुपये रखी गई है।
इससे पहले दवा निर्माता कंपनी सन फार्मा ने भारत में हल्के से मध्यम लक्षण वाले कोविड-19 के मरीजों के उपचार के लिए किफायती मूल्य पर फेविपिराविर (200 मिलीग्राम) लांच की है। इस दवा को फ्लूगार्ड के नाम से जारी किया गया है। इसकी कीमत 35 रुपये प्रति टेबलेट होगी। फेविपिराविर एकमात्र मौखिक एंटी-वायरल दवा है, जिसे हल्के से मध्यम कोविड-19 के मरीजों के उपचार के लिए अनुमोदित किया गया है।

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