International media silent on killings of Hindus: हिंदुओं की हत्याओं पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया चुप्प?

International media silent on killings of Hindus: हिंदुओं की हत्याओं पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया चुप्प?
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International media silent on killings of Hindus: पिछले कुछ समय में देश में हिंदुओं पर इस्लामिक हमले बढ़ गए हैं। लेकिन हैरानी की बात ये है कि भारत में मुस्लिमों के आपसी लड़ाई झगड़े को भी मुस्लिमों पर अटैक का तमगा देने वाला इंटरनेशनल मीडिया पिछले कुछ समय से चुप्पी साधे हुए है। इन हत्याओं पर ना तो न्यूयार्क टाइम्स ने कुछ छापा ना ही वाशिंगटन पोस्ट ने कुछ लिखा और बीबीसी ने तो इस तरह के मामलों पर लीपा पोती वाली रिपोर्ट पब्लिश कर रहा है। इंटरनेशनल मीडिया की हिंदुओं के प्रति नफरत को हम बीबीसी की दो रिपोर्ट्स से देख सकते हैं।

बीबीसी एंटी हिंदू रिपोर्ट नीचे क्लिक कर पढ़ी जा सकती है…

https://www.bbc.com/news/world-asia-india-60225543

21 फरवरी को पब्लिश अपनी एक रिपोर्ट में बीबीसी ने लिखा है कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री रहते हुए मुस्लिमों पर हमले बढ़ गए हैं। इस रिपोर्ट में बीबीसी ने जिन मुस्लिमों पर हमले हुए या जिनकी हत्याएं हुई, उनके नाम उनके परिवारों पर भावनात्मक बातें लिखने के साथ साथ पूरी स्टोरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की है। और तो और बीबीसी ने तो यहां तक लिखा कि 2014 के बाद से नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद मुस्लिमों के खिलाफ हमले बढ़ गए हैं।

उदयपुर में कन्हैयालाल हत्या केस पर बीबीसी की रिपोर्ट नीचे लिंक पर क्लिक कर पढ़ें…

https://www.bbc.com/news/world-asia-india-61976836

अब आपको बीबीसी की ही एक दूसरी रिपोर्ट के बारे में बताते हैं, जोकि उदयपुर के गरीब टेलर कन्हैयालाल की गला काटकर की गई हत्या पर लिखी गई थी। 30 जून को लिखी अपनी रिपोर्ट में बीबीसी ने कन्हैयालाल की हत्या के लिए प्रोफिट मोहम्मद पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी को जिम्मेदार ठहराया है। बीबीसी ने इस पूरी रिपोर्ट में कहीं भी सर तन से जुदा शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है। बल्कि इस रिपोर्ट में लिखा गया है कि उन्होंने (कन्हैयालाल) के हत्यारों ने कहा है कि उन्होंने ये एक्ट (गला काटना नहीं लिखा ना ही हत्या लिखा) एक नेता के समर्थन के कारण किया, जिन्होंने प्रोफिट मोहम्मद पर भेदभाव फैलाने वाली टिप्पणी की थी।  

इस दौरान नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर देश में 6 लोगों की गटा काटकर हत्याएं हो चुकी हैं। उदयपुर में कन्हैयालाल, अमरावती में उमेश कोह्ले, मुनीष भारद्वाज, शानू पांडे, निशंक राठौर और कर्नाटक में प्रवीन। इसके अलावा अंकित झा पर ही चाकुओं से हमला किया गया, लेकिन वो बच गया। लेकिन इस मामलों पर किसी भी इंटरनेशनल मीडिया ने नहीं लिखा है।

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Deepak Upadhyay

Deepak Upadhyay, a RedInk awardee, has been into journalism for the past 20 years. He started practicing journalism from Amar Ujala Chandigarh. The founding editor of www.theekhabar.com and www.AyurvedIndian.com has been reporting on government policies for quite a long time.
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