चीन के खिलाफ नई बटालियन भारत ने की तैयार, चीन से जुड़ी सीमाओं पर जवानों की गश्त बढ़ाई, तनाव बढ़ा

चीन के खिलाफ नई बटालियन भारत ने की तैयार, चीन से जुड़ी सीमाओं पर जवानों की गश्त बढ़ाई, तनाव बढ़ा
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चीन के खिलाफ नई बटालियन भारत ने की तैयार, चीन से जुड़ी सीमाओं पर जवानों की गश्त बढ़ाई, तनाव बढ़ा

आइटीबीपी की 7 नई बटालियन को मिली मंजूरी। चीन सरहद पर भारत की बढ़ेगी ताकत
सूत्रों ने जानकारी दी है कि 7 बटालियन मिलने से कुल 47 बीओपी पर जवानों को तैनात किया जा सकेगा। इनमें से 39 बीओपी अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में हैं. साथ ही उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख की कुछ बीओपी में आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया जाएगा.

गृह मंत्रालय ने दी सैद्धांतिक मंजूरी।
सीमा पर भारत और चीन में चल रहे तनाव के बीच केंद्र सरकार लगातार सुरक्षा बलों की ताकत बढ़ाने में जुटा हुई है। गृह मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय सैद्धांतिक तौर पर सहमत हो गया है कि जल्द ही 7 नई बटालियन आइटीबीपी को मिल जाएंगी।

सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में इसके लिए कैबिनेट नोट लाया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद नई बटालियन के लिए जवानों का चयन शुरू हो जाएगा. पिछले कई वर्षों से आइटीबीपी का यह मामला अटका हुआ था लेकिन जिस तरीके से भारत-चीन सरहद पर इस वक्त हालात बने हुए हैं, ऐसे में सरकार किसी भी तरीके की कमी नहीं छोड़ना चाहती. आईटीबीपी को अब जल्द ही 7 बटालियन मिल जाएंगे जिनकी तैनाती भारत-चीन सरहद पर मौजूद अलग-अलग बीओपी पर की जाएगी.

सूत्रों ने जानकारी दी है कि 7 बटालियन मिलने से कुल 47 बीओपी पर जवानों को तैनात किया जा सकेगा। इनमें से 39 बीओपी अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में हैं. साथ ही उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख की कुछ बीओपी में आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया जाएगा

सूत्रों ने को जानकारी दी है कि अरुणाचल प्रदेश से लगती चीन सीमा पर चीनी सैनिकों की तरफ से आए दिन घुसपैठ करने की कोशिश की जाती है जिस पर आईटीबीपी लगातार लगाम लगाती रहती है. अब इन बटालियन की संख्या बढ़ने से जवानों की अतिरिक्त तैनाती सरहद पर की जाएगी.

चीनी सैनिक लगातर इन इलाकों में नजरें गड़ाए रहते हैं. अरुणाचल प्रदेश में आईटीबीपी की एक पोस्ट से दूसरी पोस्ट की दूरी कई जगहों पर 100 किलोमीटर से भी ज्यादा है. ऐसे में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की जानकारी सही वक्त पर नहीं मिल पाती है.

पहाड़ी और जंगली इलाकों में पैट्रोलिंग करना आसान नहीं होता है और कैंप के बीच में कई किलोमीटर का फासला होने से यह समस्या और भी जटिल हो जाती है. यही वजह है कि इस दूरी को कम करने के लिए करीब 7000 जवानों को लाने की मांग कई साल से की जा रही थी. अब इस मांग को गृह मंत्रालय ने सैद्धांतिक तौर पर मान लिया है. जल्द ही आईटीबीपी को जवान मिल जाएंगे और सरहद पर इनकी तैनाती की जाएगी।

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