Kosi Setu : 84 साल का इंतज़ार खत्म…

Kosi Setu : 84 साल का इंतज़ार खत्म…
0 0
Read Time:2 Minute, 44 Second

पिछले करीब 84 सालों से मिथिला और कोसी के लोगों को इंतज़ार था कि एक दिन से मिथिला जाने के लिए सात-आठ घंटे की बजाए 45 मिनट लगें। लेकिन देश आज़ाद होने के बाद भी ना तो मिथिला के लोगों और ना ही कोसी के इस पार रहने वालों की किसी ने चिंता की। बस वादों पर वादे ही चलते रहें। लेकिन अब ये सपना साकार हो गया है। पिछले 17 सालों से बन रहा ये पुल अब तैयार हो गया है। जानकारी के लिए बता दें कि इस पुल की नींव भी एनडीए सरकार ने ही रखी थी और इसका उद्घाटन भी एनडीए ही कर रहा है।

अभी कोसी नदी पर पुल नहीं होने की वजह से कोसी से मिथिलांचल जाने के लिए करीब 300 किमी की दूरी ट्रेन से तय करनी पड़ती थी। इस दूरी को तय करने में सात से आठ घंटे का समय लग जाता था। या दूसरा रास्ता नाव से नदी पार करना पड़ती थी। जोकि बारिशों के दिनों में काफी रिस्की हो जाता था। कई नावें इस दूरी को कम करने के चक्कर में डूबी हैं। लेकिन अब कोसी महासेतु और बलुआहा पुल बनने के बाद सड़क मार्ग से कोसी से मिथिला और वहां से यहां आना आसान हो गया है। पुल के निर्माण से 298 किमी की दूरी मात्र 22 किमी में सिमट गई है। कुल मिलाकर यह है कि 18 सितंबर का दिन बिहार के लोगों के लिए एक ‘ऐतिहासिक’ दिन होगा जब 84 साल का सपना पूरा होने जा रहा है।
ख़ास बात ये है कि 300 किलोमीटर की दूरी कम करने वाले पुल की लंबाई दो किलोमीटर से भी कम है। जोकि 516 करोड़ रुपये में बना है। ख़ास बात ये है कि पुल की नींव पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रखी थी। जबकि इस पुल का उद्घाटन भी एनडीए के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। दरअसल, 1887 में निर्मली और भपटियाही (सरायगढ़) के बीच मीटर गेज लिंक बनाया गया था, यह लिंक 1934 में विनाशकारी आपदा की वजह से तबाह हो गया था, इसके बाद कोसी और मिथिलांचल में दूरी बढ़ गई थी।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social profiles