MHA to States: हर पुलिस थाने में हो जुविनाइल के लिए पुलिस अधिकारी

MHA to States: हर पुलिस थाने में हो जुविनाइल के लिए पुलिस अधिकारी
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MHA to States: देश के हर थाने में अब बच्चों-किशोरों से संबंधित मामलों को देखने के लिए एक पुलिस अधिकारी रखना अनिवार्य हो गया है। केद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों को इस बाबत निर्देश दे दिए हैं। इससे पहले बच्चों-किशोर से संबंधित मामलों को देखने के लिए किसी एक पुलिस अधिकारी की नियुक्ति नहीं होती थी, इसकी वजह से बच्चों और किशोर संबंधी अधिकांश मामलों की जांच प्रभावित होती थी

राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो लगातार इस मामले को उठा रहे थे। इससे पहले एनसीपीसीआर ने सितंबर में देश के सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों को हर थाने में एक पुलिस अधिकारी बच्चों-किशोरों के मामले देखने के लिए नियुक्त करने के लिए लिखा था। उस चिट्ठी में साफ लिखा गया था कि हर थाने में सब इंस्पेक्टर स्तर का एक अधिकारी नियुक्त किया जाना चाहिए। इसके साथ ही कमीशन ने देश के सभी जिलों मे स्पेशल जुविनाइल युनिट तैनात करने को भी लिखा था।

दरअसल देश में किशोर संबंधी ज्य़ादातर अपराध 16-18 साल की उम्र में होते है। नेशनल क्राइम रिपोर्ट के मुताबिक देश में जुविनाइल अपराधों में 76 परसेंट से ज्य़ादा अपराध किशोर करते हैं, जिनकी उम्र 16-18 साल के बीच होती है, लेकिन पुलिस में बच्चों-किशोरों के अपराधों पर कानूनी जानकारी और ट्रेनिंग का अभाव होने के कारण इनपर कार्रवाई ठीक प्रकार से नहीं हो पाती, लिहाजा हर थाने और जिले में इसके लिए विशेष पुलिस अधिकारियों को नियुक्त करने के लिए कहा गया था।

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Deepak Upadhyay

Deepak Upadhyay, a RedInk awardee, has been into journalism for the past 20 years. He started practicing journalism from Amar Ujala Chandigarh. The founding editor of www.theekhabar.com and www.AyurvedIndian.com has been reporting on government policies for quite a long time.
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