Congress crisis: क्या राजस्थान ड्रामे की भेंट चढ़ जाएगी “भारत जोड़ो यात्रा”?

Congress crisis: क्या राजस्थान ड्रामे की भेंट चढ़ जाएगी “भारत जोड़ो यात्रा”?
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Congress crisis: लोकसभा चुनावों से पहले जहां राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा से पूरे देश में माहौल बनाना चाहते थे, वहीं राजस्थान के राजनैतिक ड्रामे ने कांग्रेस को एक बार फिर परेशानी में डाल दिया है। इससे कांग्रेस में राजनैतिक प्रबंधन को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

कांग्रेस में एक बार बिना गांधी गुजारा नहीं कि बात चलने लगी हैं। कांग्रेस में बिना गांधी, अशोक गहलोत जैसे वरिष्ठ, वफादार और राजनीति के मंझे खिलाड़ी को मौका देकर पार्टी ने एक वंशवाद का दाग हटाने की कोशिश की हो, लेकिन अब अशोक गहलोत की बाज़ी से उनका अध्यक्ष बनना मुश्किल नज़र आने लगा

सवाल है कि आखिर हाईकमान से कहां चूक हुई कि सबसे वफादार समझे जाने वाले जिस चेहरे पर दांव लगा रहे थे, बगावत के सुर वहीं से उठे। राजस्थान में कांग्रेस सरकार चल रही है, अगले साल चुनाव होने हैं। लेकिन एक साल पहले पंजाब जैसा ही संकट पैदा हो चुका है, इससे अपनी सरकार के पांवों पर खुद कुल्हाड़ी मारने की कोशिश कहा जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि राजस्थान न छोड़ने के इच्छुक सीएम अशोक गहलोत को हाईकमान ने अपना वफादारी का वास्ता देकर भले ही पार्टी का अध्यक्ष बनने के लिए तैयार कर लिया हो, लेकिन सचिन पायलट को कमान पर गहलोत पूरी तरह से तैयार नहीं हैं। गहलोत लगातार अपने विधायकों से कहते रहे कि कहीं से भी राजस्थान नहीं छोडूंगा। पार्टी को पता है कि पायलट के लिए सभी विधायकों को राजी कराना आसान नहीं होगा।

गहलोत के इस्तीफे पर जल्दबाज़ी क्यों
पार्टी में एक चर्चा यह भी है कि आखिर गहलोत के इस्तीफे को लेकर इतनी जल्दबाजी की जरूरत क्या है? गहलोत का इस्तीफा अध्यक्ष पद के नतीजों के बाद भी हो सकता है। पार्टी संविधान भी मुख्यमंत्री रहते हुए चुनाव लड़ने की इज़ाजत देता है।

पंजाब के बाद हाल ही में यह दूसरा मौका होगा, जहां सत्ता में रहते हुए पार्टी ने अपनी सरकार के लिए खुद परेशानियां पैदा की हैं। इसके बाद भी पार्टी पिछले अनुभवों से कोई सबक लेने के लिए तैयार नहीं हैं। पंजाब के मामले में भी कांग्रेस हाईकमान का ‘क्राइसिस मैनेजमेंट’ बुरी तरह से फेल हो गया था। राजस्थान में भी इसी तरह की स्थितियां दिखती हैं।

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Deepak Upadhyay

Deepak Upadhyay, a RedInk awardee, has been into journalism for the past 20 years. He started practicing journalism from Amar Ujala Chandigarh. The founding editor of www.theekhabar.com and www.AyurvedIndian.com has been reporting on government policies for quite a long time.
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