मौसम साफ होने के बाद केदारपुरी में पुनर्निर्माण कार्यो में आई तेजी..

मौसम साफ होने के बाद केदारपुरी में पुनर्निर्माण कार्यो में आई तेजी..
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मानसूज सीजन में पुनर्निर्माण कार्यो में आई दिक्कतें
रुद्रप्रयाग। मानसून सीजन में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य प्रभावित होने के बाद अब मौसम साफ होने से निर्माण कार्यो ने गति पकड़ ली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत धाम में तीन कार्य चल रहे हैं, जिनमें आस्था पथ का कार्य पूरा हो चुका है और अब बैंच, लाइटिंग और म्यूजिक सिस्स्टम लगाया जाना है, जिससे दिव्यांग श्रद्धालुओं को यात्रा में आनंद की अनुभूति मिल सके। इसके साथ ही शंकराचार्य समाधि स्थल पर दूसरे चरण के तहत बनावटी का कार्य किया जा रहा है और एक माह के भीतर तीर्थ पुरोहितों के तीन भवनों का कार्य भी पूरा हो जायेगा।
मानसून सीजन में केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यो को करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हर दिन बारिश होने के कारण सीमेंट वर्क नहीं हो सके, जिससे निर्माण कार्यो में परेशानियां हुई। एक माह से भारी बारिश से पुनर्निर्माण कार्य बाधित हुए। गौरीकुण्ड से केदारनाथ धाम के बीच पैदल मार्ग जगह-जगह ध्वस्त होता रहा, जिस कारण भारी सामानों को केदारनाथ ले जाने में दिक्कतें हुई। इसके अलावा केदारपुरी में बारिश होने से सीमेंट वर्क के कार्य भी प्रभावित रहे। अब मौसम साफ हो गया है तो केदारनाथ धाम में निर्माण कार्यो ने तेजी पकड़ ली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल धाम में तीन कार्य किये जा रहे हैं। इनमें मंदाकिनी नदी किनारे आस्था पथ का कार्य पूरा चुका है। यह आस्था पथ दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए बनाया गया है, जिससे उन्हें भगवान केदारनाथ के दर्शन करने में आसानी हो सके। आस्था पथ बनकर तैयार हो गया है। अब इस पथ पर लाइटिंग और म्यूजिक सिस्टम के साथ ही बैंच लगाई जानी है। जिससे दिव्यांग श्रद्धालु भगवान केदारनाथ की भक्ति में लीन होकर दर्शन कर सकें। धाम में 28 करोड़ की लागत से आस्था पथ और चार घाटों का निर्माण किया गया है। आस्था पथ की लम्बाई 504 मीटर है और यह मार्ग केदारनाथ मंदिर के पीछे थ्री डी सुरक्षा दीवार से मंदाकिनी व सरस्वती के संगम तक बनाया गया है। मंदाकिनी नदी की ओर से सुरक्षा दीवार बनाये जाने से तीर्थ पुरोहितों को भवन बनाने में सुविधा मिलेगी और उन्हें काफी जमीन भी सुरक्षित मिल गयी है। धाम में बीस करोड़ की लागत से केदारनाथ मंदिर के पीछे आदि गुरू शंकराचार्य समाधि स्थल का कार्य भी जारी है। पहले चरण में खुदाई का कार्य पूरा किया गया तो दूसरे चरण में बनावटी का कार्य चल रहा है। इसके साथ ही सात करोड़ की लागत से केदारनाथ में तीर्थ पुरोहितों के पांच भवनों का कार्य किया जा रहा है। इनमें दो भवन पहले ही बन चुके हैं, जिन्हें तीर्थ पुरोहितों को सौंपा जा चुका है, जबकि तीन भवन बनकर तैयार होने को हैं। ये भवन भी एक माह के भीतर तीर्थ पुरोहितों को सौंप दिये जायेंगे।
केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य कर रही वुड स्टोन कंपनी के प्रबंधक मनोज सेमवाल ने बताया कि मानसून सीजन में धाम में पुनर्निर्माण कार्यो को करने में काफी दिक्कते हुई हैं। गौरीकुण्ड से केदारनाथ के बीच पैदल मार्ग के जगह-जगह खराब होने से भारी सामान नहीं पहुंचाया जा सका, जबकि सीमेंट वर्क भी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि अब मौसम साफ हो रहा है तो निर्माण कार्यो में भी तेजी देखने को मिल रही है।
बाइट – मनोज सेमवाल, प्रबंधक वुड स्टोन कंपनी
वहीं जिलाधिकारी वंदना सिंह ने कहा कि वर्तमान में केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। शंकराचार्य समाधि स्थल, तीर्थ पुरोहिता भवन व व्रिज का कार्य चल रहा है। बारिश होने पर धाम में सामान पहुंचाने में दिक्कतें होती हैं और जब मौसम साफ होता है तो निर्माण कार्य तेजी से किये जाते हैं।

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